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तू हर उस पल से अनजान बन..........



कुछ बात है तो, आज ही कह दो ,
कल का कोई भरोसा नहीं यारों |
जिंदगी में ख्वाब तो बहुत हैं ,
पर हकीकत निहारने के लिए झरोखा नहीं यारों |

माना कल की बात आज कैसे कर सकते हो तुम ,
पर कम से कम कल का कुछ अनकहा ना रखो |
माना कल के ख्वाब आज नहीं देख सकते तुम  ,
पर कम से कम कल की किसी हकीकत को अनदेखा ना करो |

ये ज़िंदगी तेरी मेरी, टिकी है साँसों के दम से ,
इस ज़िंदगी का एतबार ना कर |
जब तुझे प्यार नहीं करती ये ,
तो तू भी इस ज़िंदगी से प्यार ना कर |

मिली है मोहलत तुझे जितने दिन की ,
उतने दिन खुशी से जी, लाचार ना बन |
एक दिन ख़बर सभी को बनना है ,
उससे पहले तो समाचार ना बन |

बनना ही है तुझे कुछ तो, किसी की मुस्कान बन ,
जिस अपनेपन की शक्ल नहीं, उसकी तू पहचान बन |
वक्त आने पर मुकर जाने की तेरी इस फितरत से ,
आज इसी पल से, तू हर उस पल से अनजान बन ...........
आज इसी पल से, तू हर उस पल से अनजान बन ...........





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