Skip to main content

Posts

Showing posts from May, 2021

" पापा ! क्या आज ऑक्सीजन सिलिंडर मिल पाया है |"

                          " पापा ! क्या आज ऑक्सीजन सिलिंडर मिल पाया है |" कुछ वक़्त बीते मदर डे सभी ने बड़ी धूमधाम से मनाया | तब जाने कहाँ से मुझे एक और माँ का ख्याल आया | ये वो नहीं जिसने कोरोना में अपना एक लाल खोया है , ये वो नहीं जिसके आँचल तले एक बीमार सोया है , ये वो नहीं जो कोस रही है अस्पताल या प्रशासन को , ये वो नहीं जो तरस रही है ऑक्सीजन के आश्वासन को | चौंको मत ! यह ना आसमान से टपकी है , ना धरा से पैदा हुई है , ये वो नहीं जिसकी ऊँगली पकड़ सीखा तूने चलना, ये वो है जिसके सहारे तेरे वंश का हर इंसान चला है | ये वो नहीं जिसने तेरे लिए सेकीं हो रोटियाँ , ये वो है जिसने तेरे लिए अन्न और खनिज रूपी कितना ही धन उगला है | आज अस्पतालों को मैंने उस माँ पर तंज कसते देखा , जहाँ हर कोई ऑक्सीजन को रो रहा है | इस माँ से पूछ उसकी पीड़ा जिसका आँचल जिससे भरा था  आज उसका हर बच्चा उसी चीज़ की कमी से अपनी जान खो रहा है | आज कोरोना ने कुछ ऐसा देखा- अनदेखा सा सच दिखलाया है  कल, हर शाम, घर लौटे पिता से बच्चा-बच्चा पूछेगा कि- "पापा ! ...