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Showing posts from November, 2020

बच्चों की नज़रों में कोई भी माँ बाप कभी बूढ़ा नहीं होता

आज यूँही एक ख्याल आया  इस मुट्ठीभर के दिल में एक सवाल आया | दुनिया का एक दस्तूर मुझको नहीं भाया जाने क्यों खुदा ने आने-जाने का यह दस्तूर बनाया | सुनी है एक बात अक्सर मैंने कितनों की जुबानी , कि बच्चा कितना भी बड़ा हो जाए  माँ-बाप के लिए बड़ा नहीं होता | पर कुछ नया सिखाया है ज़िंदगी के हालातों ने  जो शायद किसी किताब में आपने पढ़ा नहीं होगा | माना उसके चेहरे की टेढ़ी-मेढ़ी लकीरें उसकी उम्र बयाँ कर रहीं हैं  माना उसकी झुकी कमर अभी भी अपने परिवार का बोझ ढो रहीं हैं   माना उसकी काँपती मुड़ी हुई ऊँगलियाँ अपने अंतिम दिन गिन रहीं हैं  माना उसके आँखों की बुझी-सी रोशनी अपने बच्चों का सुनहरा भविष्य बुन रहीं हैं  माना उसकी हर साँस उसकी ही दूसरी साँस को रोक रही है  माना उसके काँपते पैरों को काँपती लाठी सहारा दे गिरने से रोक रही है   माना उसकी पोपली जुबाँ से निकले शब्द  तुम्हारे कानों तक पहुँचने तक बन जाते हैं विचित्र   पर हर्गिज मत समझना कि यह है कोई दरिद्र , यह कुछ और नहीं है, यह है - हमारे-तुम्हारे माँ-बाप के बुढ़ापे का चित्र | यह बुढ़ाप...